मध्य प्रदेशराज्य

मिलावटी पनीर पर धार प्रशासन का बड़ा प्रहार, 52 किलो एनालॉग पनीर जब्त

धार

 जिले में मिलावटी दूध, घी और दुग्ध उत्पादों के साथ प्रतिबंधित एनालॉग पनीर के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग की टीम ने विभिन्न स्थानों पर जांच के दौरान 52 किलोग्राम एनालॉग पनीर जब्त किया है, जिसकी अनुमानित कीमत 15 हजार 340 रुपये है। इसके साथ ही दूध, घी, पनीर और मिठाइयों के कुल 15 नमूने जांच के लिए लिए गए हैं। सभी नमूने राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजे गए हैं।
सचिन लोगरिया के नेतृत्व में विभिन्न क्षेत्रों में छापेमारी

शासन द्वारा प्रतिबंधित एनालॉग पनीर के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा है। अभिहित अधिकारी खाद्य सुरक्षा सचिन लोगरिया के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों रामगोपाल मऊटा और सुभाष खेड़कर की टीम ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में विभिन्न प्रतिष्ठानों की जांच की।

मनावर में 15 किलो पनीर जब्त

मनावर स्थित डेयरी से पनीर का नमूना लिया गया। यहां पनीर में एनालॉग पनीर होने की आशंका पर करीब 15 किलोग्राम पनीर जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत 5 हजार 400 रुपये बताई गई है। ग्राम देवगढ़ से दूध और घी के नमूने भी लिए गए।
कुक्षी में बस से आया 30 किलो पनीर पकड़ा

कुक्षी बस स्टैंड पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने गुजरात से बस के माध्यम से आए संतुष्टि लो फैट पनीर के करीब 30 किलोग्राम माल को जब्त किया। इसकी अनुमानित कीमत 8 हजार 400 रुपये है। विभाग ने लो फैट पनीर के दो नमूने भी जांच के लिए लिए हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह पनीर कुक्षी के सुसारी स्थित डेयरी के संचालक द्वारा विभिन्न होटल और रेस्टोरेंट में बेचने के लिए मंगाया गया था। विभाग अब इसकी गुणवत्ता और उत्पाद की प्रकृति की जांच कर रहा है।
धूलसर में 7 किलो पनीर जब्त

ग्राम धूलसर स्थित कावेरी दूध डेयरी के संचालक द्वारा पनीर की आपूर्ति किए जाने की जानकारी पर टीम ने पनीर का नमूना लिया। एनालॉग पनीर होने की आशंका में करीब 7 किलोग्राम पनीर जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत 1 हजार 540 रुपये है। डेयरी और किराना दुकानों से भी नमूने लिए गए।

15 नमूनों की होगी भोपाल लैब में जांच

पूरी कार्रवाई में दूध के 3, घी के 4, पनीर के 5 और मिठाई के 3 नमूने, कुल 15 नमूने लिए गए हैं। इन्हें जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत संबंधित प्रतिष्ठानों और जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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