
अमृतसर.
भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे गांवों के युवाओं को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ के षड्यंत्र से बचाने के लिए अब पुलिस ने धार्मिक मंच का सहारा लिया है।
गांवों के गुरुद्वारों से शाम को रहिरास साहिब के पाठ के पश्चात युवाओं को आइएसआइ के षड्यंत्रों के साथ-साथ नशे, अपराध और गैंगस्टरों से दूर रहने की अपील की जा रही है। गुरुद्वारों पर लगे लाउडस्पीकर से रोजाना शाम को ग्रंथी के साथ पुलिस कर्मी अपील कर रहे हैं कि युवा पड़ोसी देश के षड्यंत्रों से बचकर रहें। इस अपील का उद्देश्य युवाओं को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ के षड्यंत्र से बचाना है।
149 नाबालिगों को किया गया गिरफ्तार
इसका कारण यह भी है कि पिछले तीन वर्ष में हथियार व नशा तस्करी के साथ ही ग्रेनेड हमलों व गैंगस्टर गतिविधियों में शामिल होने पर प्रदेश में 149 नाबालिगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। कई नाबालिगों ने पूछताछ में बताया था कि वह आइएसआइ की ओर से दिए गए चंद पैसों के लालच में फंस गए थे। डीआइजी बार्डर रेंज हरमनबीर सिंह गिल ने बताया कि अमृतसर के अलावा पठानकोट, गुरदासपुर और बटाला के सीमांत क्षेत्रों के गांवों में गुरुद्वारों से शाम के समय ये घोषणाएं करवाई जा रही हैं। युवाओं को बचाने के लिए पंचायतों से भी तालमेल किया जा रहा है और इसके अच्छे नतीजे सामने आएंगे।
गुरुद्वारों से की गई यह अपील
गुरुद्वारों से यह अपील की जाती है कि माता-पिता अपने बच्चों पर नजर रखें। यह भी देखें कि बच्चे कहां जाते हैं और किससे मिलते हैं। इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर क्या गतिविधियां हैं। बच्चों के व्यवहार में अचानक बदलाव, संदिग्ध ऑनलाइन बातचीत या गैंगस्टर कल्चर के प्रति बढ़ते आकर्षण पर भी ध्यान दें। युवाओं को भी संदेश दिया जाता है कि ऐसी गतिविधियों से दूर रहें। आने वाले दिनों में मंदिर व चर्च से भी ऐसी अपील करवाई जाएंगी। रमदास ब्लाक समिति के चेयरमैन पृथ्वीपाल सिंह ने कहा कि युवाओं को बचाने के लिए सरकार व पुलिस की यह अच्छी पहल है।



