उत्तराखंडराज्य

मुख्य सचिव ने कलेक्ट्रेट सभागार में की जिलास्तरीय समीक्षा बैठक, ‘योजना दीदी’ ई-पुस्तक का किया विमोचन

शुक्रवार को मुख्य सचिव ने कलेक्ट्रेट सभागार में जिलास्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। इस दौरान उन्होंने जनपद में संचालित जिला योजना, राज्य वित्त, 25 सूत्रीय कार्यक्रम तथा केंद्र पोषित विभिन्न विकास कार्यक्रमों व जनकल्याणकारी योजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने जिले में क्रियान्वित समस्त योजनाओं की विस्तृत जानकारी को समाहित करने वाली डिजिटल पहल 'योजना दीदी' ई-पुस्तक का विमोचन किया। बैठक में मुख्य सचिव ने अधिकारियों को सभी स्वीकृत निर्माण कार्यों को तय समय-सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिये।

समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने धामों व धार्मिक स्थलों में स्वच्छता व्यवस्था के लिए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के तहत कूड़ा निस्तारण हेतु कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त सड़कों की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बीआरओ, लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई और स्थानीय नगर निकायों को आगामी 15 अक्टूबर तक अनिवार्य रूप से सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने के अभियान चलाने का अल्टीमेटम दिया। विभागीय कार्यप्रणाली में गति लाने हेतु विभागाध्यक्षों को नियमित रूप से धरातलीय निरीक्षण करने तथा अंतर-विभागीय समन्वय के माध्यम से लंबित प्रकरणों का शीघ्र समाधान निकालने करने के निर्देश दिये। मुख्य विकास अधिकारी को उद्यान विभाग के तहत पॉलीहाउस निर्माण एवं 'जायका' परियोजना के निर्धारित लक्ष्यों के सापेक्ष धीमी प्रगति में सुधार लाने हेतु उद्यान विभाग की योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने के साथ जिला सैनिक कल्याण विभाग के अंतर्गत क्रियान्वित की जा रही सैनिक कल्याण योजनाओं की भी समीक्षा करने के निर्देश दिये।

इस दौरान जल शक्ति मंत्रालय (भारत सरकार) के राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन और उत्तराखंड राज्य स्वच्छ गंगा मिशन के संयुक्त तत्वावधान में "प्रारंभ – नदी, जलीय संसाधनों का संरक्षण और जैव विविधता विरासत प्रबंधन" परियोजना के लिए प्रशासनिक स्वीकृति एवं व्यय की मंजूरी दी गई है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन द्वारा "स्वच्छ गंगा, निर्मल एवं अविरल यमुना" के संकल्प के साथ गंगोत्री और यमुनोत्री क्षेत्रों की हिमालयी नदियों के संरक्षण हेतु लगभग 3.26 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाले इस जिला-स्तरीय मॉडल का आधिकारिक उद्घाटन किया गया।

बैठक से पूर्व मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने जिला सभागार में सिविल सोसायटी, भूतपूर्व सैनिक एवं अर्द्धसैनिक बलों के पेंशनर्स, होटल एसोसिएशन तथा विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों के साथ संवाद किया। इस दौरान प्रतिनिधियों ने क्षेत्र के विकास, पर्यटन, पूर्व सैनिकों एवं पेंशनर्स से जुड़े विषयों सहित जनहित की विभिन्न समस्याओं और सुझावों से मुख्य सचिव को अवगत कराया। प्रमुख रूप से वीबी जी रामजी योजना में ऑनलाइन उपस्थिति की समस्या, नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में कूड़ा निस्तारण, सड़क एवं नेटवर्क की समस्या, उपनल में पूर्व सैनिकों के लिए समान कार्य-समान वेतन, नेलांग-जादुंग परमिट के लिए एकल खिड़की व्यवस्था तथा स्वास्थ्य सुविधाओं से संबंधित मुद्दे रखे गए। मुख्य सचिव ने सभी समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए कहा कि विभिन्न वर्गों और संगठनों के प्रतिनिधियों से संवाद के माध्यम से क्षेत्र की वास्तविक आवश्यकताओं और समस्याओं को समझने में मदद मिलती है तथा जनहित से जुड़े विषयों का नियमानुसार परीक्षण कर समाधान की दिशा में आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।

जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने अवगत कराया कि प्राप्त अधिकांश समस्याओं के निस्तारण की कार्यवाही गतिमान है, जबकि शेष समस्याओं एवं मांगों का प्राथमिकता के आधार पर परीक्षण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विभिन्न संगठनों द्वारा उठाए गए उचित एवं जनहित से जुड़े विषयों के निस्तारण के लिए संबंधित विभागों के माध्यम से नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया गया कि क्षेत्र की समस्याओं के समाधान और जनहित से जुड़े विषयों पर हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। मुख्य सचिव ने जिला मुख्यालय स्थित स्मार्ट कंट्रोल रूम का निरीक्षण कर संचालित आधुनिक निगरानी एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं की जानकारी ली। जिलाधिकारी ने कंट्रोल रूम में स्थापित सीसीटीवी नेटवर्क, रियल टाइम मॉनिटरिंग प्रणाली तथा आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था के संबंध में अवगत कराया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन की सुरक्षा एवं सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए स्मार्ट निगरानी प्रणाली का और अधिक प्रभावी ढंग से संचालन सुनिश्चित किया जाए।

 मुख्य सचिव ने भटवाड़ी विकासखंड के गणेशपुर में होलिस्टिक टूरिज्म पहल के तहत संचालित वूमेन हिल्स ट्रैक एडवेंचर का अवलोकन किया। उन्होंने ग्रामीण महिलाओं से संवाद कर पर्यटन गतिविधियों से जुड़कर उनके अनुभवों की जानकारी ली। इस पहल के माध्यम से महिलाओं को ट्रेकिंग, गाइडिंग, कुकिंग एवं कैंपिंग का प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ा जा रहा है। मुख्य सचिव ने महिला सशक्तिकरण और स्थानीय आजीविका को बढ़ावा देने वाली इस पहल की जानकारी ली।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश चौहान, ब्लॉक प्रमुख भटवाड़ी ममता पंवार, ब्लॉक प्रमुख डुंडा राजदीप परमार सहित विभिन्न संगठनों के अध्यक्ष एवं पदाधिकारी सहित पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय, मुख्य विकास अधिकारी जय भारत सिंह, अपर जिलाधिकारी मुक्ता मिश्र सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

जिला सूचना अधिकारी 
उत्तरकाशी।

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