बिहार / झारखंडराज्य

JSSC CGL पेपर लीक में बड़ा खुलासा, प्रश्नपत्र की छपाई से पैकेजिंग तक शामिल था राहुल

रांची
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की संयुक्त स्नातक स्तरीय (सीजीएल) प्रतियोगिता परीक्षा 2023 में कथित पेपर लीक मामले की जांच कर रही सीआइडी को पूछताछ में एक आरोपित राहुल कुमार ने कई अहम जानकारियां दी है।

राहुल परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी मेसर्स आईसीएन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड का कर्मी है। उसकी गिरफ्तारी उसके एक अन्य साथी सोमांश प्रकाश के साथ दिल्ली से हुई थी। दोनों से सीआईडी रिमांड पर लंबी पूछताछ कर चुकी है।

सीआईडी की छानबीन व आरोपितों से पूछताछ में यह जानकारी सामने आई है कि आरोपित राहुल कुमार हरियाणा के मानेसर स्थित प्रिंटिंग फैसिलिटी में प्रश्न पत्रों की छपाई, ओएमआर प्रिंटिंग, निगरानी, पैकेजिंग तक में शामिल था और एक अभ्यर्थी के रूप में उस परीक्षा में भी शामिल था। सीआइडी ने कोर्ट में इसकी पूरी जानकारी दी है। सीआईडी ने मानेसर प्रिंटिंग प्रेस के रजिस्टर में उसकी एंट्री, मोबाइल के सीडीआर व लोकेशन विश्लेषण में भी मिले इसके सबूत से कोर्ट में सौंपा है।

सीआईडी के अनुसार, इस केस के अन्य आरोपितों सोमांश प्रकाश, मिथिलेश सिंह, समीर व नवीन किशोर से राहुल का संपर्क था। परीक्षा से पहले राहुल के वाट्सएप पर प्रश्न पत्र पहुंच गए थे। राहुल को सिर्फ गोपनीय प्रश्न व उत्तर मिले थे, जिसे उसने वाट्सएप पर उसे आगे सिंडिकेट के अन्य साथियों तक बढ़ाया था।

जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में कथित पेपर लीक मामले में लालपुर के कैरियर फाउंडेशन कोचिंग के शिक्षक राजेश प्रसाद ने रातू थाने में लिखित आवेदन दिया था। उनकी शिकायत थी कि 21 और 22 सितंबर 2024 को राज्य भर में तीन पालियों में हुई परीक्षा में धांधली हुई है।

26 सितंबर 2024 को जेएसएससी कार्यालय में हुए हंगामे में यह सामने आया कि परीक्षा से दो-तीन दिन पहले अभ्यर्थियों को पश्चिम बंगाल के आसनसोल के होटलों और नियामतपुर के मैरिज हाल में रखकर उत्तर रटवाए गए थे। इसके तार मुजफ्फरपुर, रांची, मांडू, दिल्ली और काठमांडू (नेपाल) तक जुड़े।

मामला सामने आने के बाद रातू थाना में कांड संख्या 405/2024 दर्ज हुआ। इसी केस के आधार पर सीआइडी ने एक जनवरी 2025 को सीआइडी थाने में कांड संख्या 01/2025 दर्ज की थी।
दुर्गापुर के सीतुलपुर के क्वार्टर में 30-35 अभ्यर्थियों को रटवाए गए थे प्रश्न व उत्तर

सीआईडी को छानबीन में पता चला है कि पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर स्थित सीतुलपुर के एक क्वार्टर में 30-35 अभ्यर्थियों को प्रश्न व उत्तर रटवाया गया था। गिरफ्तार एजेंट दिलीप कुमार पासवान ने इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वह स्वयं वहां मौजूद था।

इसके अलावा नेपाल के बीरगंज स्थित सेंटर की तरह ही सीतुलपुर, बोकारो के दुग्धा, आसनसोल के नियामतपुर व बिहार के पटना में भी अभ्यर्थियों को प्रश्न व उत्तर रटवाया गया था। दिलीप पासवान ने अभ्यर्थी प्रभाकर शर्मा के साथ-साथ अपनी पत्नी अस्मिता करुणा व बहन विजेता को भी सिंडिकेट के साथियों से मिलवाया था।

दिलीप पासवान व उसकी पत्नी अस्मिता करुणा का वाट्सएप चैट भी सीआईडी को मिला है, जिसमें प्रश्न पत्र, उत्तर सामग्री व उसे रटने को लेकर बातचीत है। सितंबर-अक्टूबर 2024 में अभ्यर्थी प्रभाकर शर्मा की मां शांति देवी के बैंक खाते से दिलीप पासवान के खाते में करीब छह लाख रुपये स्थानांतरित किए गए थे।

रिजल्ट आने के बाद सफल अभ्यर्थी रामचरण सिंह गुर्जर के दोस्त देवनारायण गुर्जर के खाते से करीब 3.50 लाख रुपये और खुद सफल अभ्यर्थी रामचरण सिंह गुर्जर के खाते से 1.50 लाख रुपये दिलीप के खाते में भेजे गए थे। इसी तरह हरि सिंह गुर्जर के खाते से भी करीब 3 लाख रुपये दिलीप के खाते में आए थे। सीआईडी को इससे संबंधित साक्ष्य मिल चुके हैं।

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