उत्तराखंडराज्य

रामनगर की ग्रेजुएट तारा ने पर्यावरण बचाने के लिए तोड़ी रूढ़ियां, खुद उठाया कूड़ा

रामनगर.

जिस काम को अक्सर हीन भावना से देखा जाता था, उसे अपनी ताकत बनाकर रामनगर की कानिया निवासी तारा अधिकारी आज सैकड़ों लोगों के लिए प्रेरणा बन चुकी है। कचरा प्रबंधन की दिशा में उनकी ओर से उठाए गए एक साहसिक कदम ने न सिर्फ रूढ़िवादी सोच को बदला, बल्कि दर्जनों महिलाओं को आत्मनिर्भरता का एक नया रास्ता भी दिखाया है।

स्नातक कर चुकी 33 वर्षीय तारा अधिकारी के लिए यह सफर आसान नहीं था। वर्ष 2020 में उन्होंने वेस्ट वारियर्स की मदद से कचरा प्रबंधन में कदम रखने का फैसला किया तो उन्हें समाज के साथ साथ परिवार के भीतर भी विरोध का सामना करना पड़ा। जहां एक ओर उनके पति ने उनके इस फैसले का पूरा समर्थन किया, वहीं परिवार के अन्य सदस्य इस काम के सख्त खिलाफ थे। काम की शुरूआत में समाज के कई लाेगों ने उपेक्षा की नजर से देखा।

कई बार डगमगाया हौसला
कचरे की असहनीय दुर्गंध और लोगों के ताने सुनकर, बहुत कम पैसा मिलने पर कई बार उनका हौसला डगमगाया और मन में काम छोड़ने का विचार भी आया। लेकिन तारा ने हार नहीं मानी। उन्होंने सोचा कि यदि वे पीछे हट गई तो यह प्लास्टिक और कचरा खुले में गिरकर पर्यावरण, नदियों और बेजुबान वन्य जीवों को नुकसान पहुंचाएगा। इसी पर्यावरण चेतना ने उन्हें आगे बढ़ने की हिम्मत दी। धीरे-धीरे उनकी मेहनत रंग लाने लगी। जिस काम के लिए कभी उन्हें ताने मिलते थे, आज उसी काम के लिए पूरा समाज उनके काम को सलाम कर रहा है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button