WhatsApp का नया प्राइवेसी फीचर, अब यूजर तय करेंगे किसे दिखेगा उनका फोन नंबर

मुंबई
व्हाट्सएप अब यूज़रनेम इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए फोन नंबर की प्राइवेसी और मजबूत बनाने पर काम कर रहा है. अभी जब कोई इंसान अपना यूज़रनेम सेट करता है तो उसका फोन नंबर उन लोगों से छुप जाता है, जिनके पास वो नंबर सेव नहीं होता, लेकिन जल्द ही यूज़र्स खुद तय कर सकेंगे कि उनका नंबर किसे दिखना चाहिए और किसे नहीं।
WABetaInfo की रिपोर्ट के अनुसार व्हाट्सएप एंड्रॉइड बीटा वर्जन 2.26.45.1 में यह नया सेटिंग तैयार कर रहा है. यह ऑप्शन प्राइवेसी सेटिंग्स के अंदर आएगा, जहां पहले से लास्ट सीन और प्रोफाइल फोटो जैसे फीचर्स को कंट्रोल करने का ऑप्शन मौजूद है. फोन नंबर दिखाने या न दिखाने के लिए यूज़र्स को चार विकल्प मिलेंगे।
यूज़र्स को मिलेंगे चार ऑप्शन्स
इनमें Everyone यानी सभी को दिखे, My Contacts यानी सिर्फ मेरे कॉन्टैक्ट्स में मौजूद लोगों को दिखे, My Contacts Except यानी कुछ लोगों को छोड़कर मेरे कॉन्टैक्ट्स के सभी लोगों को दिखे और Nobody यानी किसी को न दिखे. रिपोर्ट के मुताबिक, यूजरनेम वाले लोगों के लिए डिफॉल्ट सेटिंग नोबडी रखी जाएगी, लेकिन जिनके पास पहले से नंबर सेव है उन्हें नंबर दिखता रहेगा।
बहुत सारे व्हाट्सएप यूज़र यूज़रनेम इसलिए लगाते हैं ताकि बिना नंबर दिए लोग उन्हें ढूंढ सकें, लेकिन कुथ लोग अपने अपने कॉन्टैक्ट्स को नंबर दिखाना चाहते हैं. हालांकि, कुछ लोग सिर्फ कुछ खास लोगों को छोड़कर बाकी सभी को नंबर छुपाना चाहते हैं. नया सेटिंग इन सब जरूरतों के हिसाब से ऑप्शन देता है. जब कोई इंसान सेटिंग्स बदलेगा तो ऐप एक चेतावनी दिखाएगी. इसमें बताया जाएगा कि पुराने एक्सेप्शन लिस्ट रीसेट हो जाएंगे. उसके बाद जब यूज़र इस वॉर्निंग को देखने के बाद बदलाव को कंफर्म करेंगे तभी बदलाव होगा. इससे गलती से नंबर लीक होने का खतरा कम रहेगा।
अभी यूजरनेम लगाने पर नंबर अपने आप छुप जाता है. नए अपडेट के बाद यूज़र चाहे तो इसे बदल सकेंगे. ऐसे में जो लोग पुराना तरीका रखना चाहते हैं वो नोबडी का ऑप्शन चुन सकते हैं. यह फीचर अभी डेवलपमेंट फेज़ में है और आम लोगों के लिए उपलब्ध नहीं है. व्हाट्सएप ने अभी तक इस फीचर की रिलीज़ डेट भी नहीं बताई है।
भारत में क्या है स्थिति
भारत में यूज़रनेम फीचर का रास्ता फिलहाल आसान नहीं है. भारत सरकार ने व्हाट्सएप के इस फीचर आपत्ति जताई थी. 1 जुलाई 2026 को आईटी मंत्रालय (MeitY) ने मेटा को नोटिस भेजकर कहा था कि सलाह-मशविरा पूरा होने तक यह फीचर भारत में रोलआउट न किया जाए. भारत सरकार को डर है कि नंबर की जगह यूज़रनेम से संपर्क होने पर फिशिंग, इम्पर्सोनेशन और डिजिटल अरेस्ट जैसी ठगी बढ़ सकती है।
इसके अलावा टेलीकॉम डिपार्टमेंट (DoT) ने मैसेजिंग ऐप के लिए SIM binding अनिवार्य की है, जिसका पालन 31 दिसंबर 2026 तक करना अनिवार्य कर दिया गया है. DPDP एक्ट के नियम भी पहले ही लागू हो चुके हैं. इस कारण व्हाट्सएप फोन नंबर की प्राइवेसी पर जो भी नया सेटिंग लेकर आएगा, उसे भारत में सरकार की चिंताओं और डेटा प्रोटेक्शन कानून, दोनों पर खरा उतरना होगा।


