पंजाबराज्य

रिटायरमेंट के बाद भी गिरफ्तारी: 8 साल पुराने केस में जेई पर विजिलेंस का शिकंजा

मानसा.

मानसा जिले में नहरी निर्माण कार्य में गड़बड़ी और गबन के मामले में विजिलेंस विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक सेवानिवृत्त कनिष्ठ अभियंता को गिरफ्तार किया है। यह मामला वर्ष 2018 से जुड़ा हुआ है, जिसमें निर्माण कार्य के दौरान घटिया सामग्री के उपयोग और सरकारी धन के दुरुपयोग की पुष्टि हुई है।

विजिलेंस विभाग के निरीक्षक नगिंदर सिंह ने बताया कि गांव बच्छोआना निवासी अमरीक सिंह ने शिकायत दी थी कि गांव में बनाए तीन नहरी मोघों के निर्माण में गुणवत्ता के साथ समझौता किया गया है। शिकायत मिलने के बाद विभाग की तकनीकी टीमों ने मौके पर जाकर जांच की, जिसमें निर्माण कार्य में घटिया सामग्री इस्तेमाल होने की पुष्टि हुई।

निर्माण में 5 लाख का गबन किया गया
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि इस पूरे प्रकरण में करीब साढ़े पांच लाख रुपये का गबन किया गया है। तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर विजिलेंस विभाग ने 25 मार्च को कार्रवाई करते हुए पंजाब वाटर रिसोर्स मैनेजमेंट डेवलपमेंट से जुड़े दो सेवानिवृत्त अधिकारियों समेत कुल पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। इसी कार्रवाई के तहत विभाग के सेवानिवृत्त कनिष्ठ अभियंता हरचरण सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड लिया जाएगा, ताकि मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की गहराई से जांच की जा सके।

अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छापमारी जारी
विजिलेंस विभाग का कहना है कि इस मामले में नामजद किए गए अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में चाहे आरोपी सेवा में हो या सेवानिवृत्त, किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। इस कार्रवाई से संदेश देने की कोशिश की गई है कि सरकारी कार्यों में गड़बड़ी करने वालों पर देर-सवेर कार्रवाई जरूर होती है। स्थानीय लोगों ने भी इस कदम का स्वागत कर उम्मीद जताई है कि ऐसे मामलों में सख्ती से कार्रवाई जारी रहनी चाहिए, ताकि विकास कार्यों में पारदर्शिता बनी रहे।

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