
हल्द्वानी.
एक दिसंबर से घर-घर जनगणना का दौर शुरू हो जाएगा। 42 वर्ग किमी में फैले हल्द्वानी निगम को आबादी और घरों की संख्या के आधार पर ब्लाकों में बांटा जाएगा। 60 वार्डों वाले शहर में जनगणना को संपन्न करने के लिए करीब 1200 कार्मिकों की जरूरत है।
इसके लिए पूर्व सैनिकों से सहयोग भी लिया जाएगा। सैनिक कल्याण विभाग से इस संबंध में वार्ता हुई है। जनगणना का हिस्सा बनने वाले जवानों को मानदेय के तौर पर 16 हजार रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा प्रशिक्षण अवधि का पैसा अलग से मिलेगा। जनगणना के लिए रिटायर कर्मचारियों को भी ढूंढा जा रहा है।
एक दिसंबर से चार जनवरी होगी गणना
अप्रैल में भवन गणना हुई थी। अब एक दिसंबर से चार जनवरी 2026 तक लोगों की गणना होगी। चार्ज अधिकारी, सहायक चार्ज अधिकारी और तकनीकी टीम को प्रशिक्षण मिल चुका है। अगले चरण में प्रगणक यानी जिन्हें ब्लाक वार क्षेत्र आवंटित कर फील्ड में भेजा जाना है। उन्हें काम की बारीकियां बताई जाएगी। वहीं, हल्द्वानी में कार्मिकों की जरूरत को पूरा करने के लिए जल संस्थान, ऊर्जा निगम, वन विभाग, समाज कल्याण, डेयरी, आइटीआइ, शिक्षा समेत अन्य विभागों को पत्र भेजा गया है। उसके बावजूद पर्याप्त मात्रा में लोग नहीं जुट पा रहे। इसलिए पूर्व सैनिकों के साथ ही रिटायर कर्मचारियों से भी सहयोग लिया जाएगा। निगम से जुड़ी बैंणी सेना और आंगनबाड़ी वर्कर भी जनगणना में अहम भूमिका निभाएंगे। स्थानीय होने के कारण इन्हें क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति से लेकर लोगों की सही जानकारी होती है। जिससे प्रगणक का काम आसान होगा। ब्लाक की सीमा तय करने के लिए 150 घर या 600 से ज्यादा की आबादी को मानक बनाया जाएगा।
प्रगणक 40 सवाल करेंगे –
जनगणना में पूर्व सैनिकों और रिटायर कर्मचारियों का सहयोग लेने की तैयारी है। पोर्टल के माध्यम से भवन की तरह इसमें भी लोग स्वगणना कर सकते हैं। नवंबर में पोर्टल की जानकारी दी जाएगी। जनगणना को घर पहुंचे प्रगणक 40 सवाल करेंगे, जिनका लोगों का जवाब देना होगा।
– परितोष वर्मा, प्रमुख जनगणना अधिकारी (निगम क्षेत्र)



