
पंचकूला
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के दायरे में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा, हरियाणा के पांच जिला एनसीआर क्षेत्र में ही रहेंगे। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का रीजनल प्लान-2041 पर चर्चा हुई। इसमें एनसीआर के भविष्य के विकास, शहरी नियोजन, पर्यावरण संरक्षण, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और सस्टेनेबल ग्रोथ से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर बात हुई है।
मुख्यमंत्री मंगलवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता एनसीआर प्लानिंग बोर्ड (एनसीआरपीबी )की बैठक में शामिल होने के बाद मीडिया से बात कर रहे थे।
उन्होंने बताया कि रीजनल प्लान-2041 को अंतिम रूप देने के लिए केंद्र सरकार और संबंधित राज्य सरकारों (हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान एवं दिल्ली) के वरिष्ठ अधिकारियों की एक सब-कमेटी गठित की गई है। यह सब-कमेटी 15 अगस्त, 2026 तक अपनी अंतिम रिपोर्ट बोर्ड को सौंपेगी।
आत्मनिर्भर शहरी केंद्र के रूप में विकसित होंगे
जिसके बाद अगली बैठक दिसंबर 2026 में गुरुग्राम में आहोगी। आज की बैठक में आरआरटीएस (रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम) के साथ-साथ चार नए ग्रीनफील्ड शहर विकसित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। बोर्ड के सभी सदस्य राज्य एक-एक नए ग्रीन फील्ड शहर की विकास योजना भेजेंगे। नमो सिटी के नाम से विकसित होने वाले यह शहर आधुनिक, पर्यावरण-अनुकूल और आत्मनिर्भर शहरी केंद्र के रूप में विकसित किए जाएंगे।
दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र का संतुलित और सशक्त विकास
मुख्यमंत्री ने कहा इन निर्णयों से दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र का संतुलित और सशक्त विकास सुनिश्चित होगा। हरियाणा सरकार एनसीआर के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और ग्रीनफील्ड शहरों तथा आरआरटीएस परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाएगी। बैठक में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री एके शर्मा, तथा राजस्थान के कैबिनेट मंत्री झाबर सिंह खर्रा शामिल हुए।
इनके अलावा हरियाणा के मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव श्रीनिवास कातिकिथाला, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव वी. उमाशंकर सहित एनसीआर क्षेत्र से संबंधित राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



