नीतीश कुमार बोले, सम्राट चौधरी अब बिहार के विकास को आगे बढ़ाएंगे पूरी मजबूती से

पटना
बिहार से पूर्व सीएम सह जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने कहा है कि बड़ी मुश्किल से हमने 2005 से 2025 तक बिहार को संवारा है। सम्राट चौधरी अब तक हुए विकास कार्यों को और आगे बढ़ाने का काम करेंगे और इसी विश्वास के साथ एनडीए सरकार आगे बढ़ रही है। एनडीए परिवार एक साथ मिलकर समृद्ध और विकसित बिहार बनाएगा। एनडीए का लक्ष्य बिहार को देश के सबसे विकसित पांच राज्यों की श्रेणी में शामिल करना है। लोकसेवक भवन में एनएडी की बैठक में नीतीश कुमार सबसे अंत में बोले। उन्होंने सीएम सम्राट चौधरी के काम की भूरि-भूरि प्रशंसा की। घटक दल के सभी नेताओं से कहा कि जिस तरह आपने मुझे स्नेह दिया, उसी तरह सीएम सम्राट चौधरी का भी साथ दें।
बैठक में सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एनडीए के नेताओं एवं जिलाध्यक्षों के साथ नियमित संवाद और बैठक की परंपरा स्थापित कर बिहार में गठबंधन को मजबूत आधार प्रदान किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को विकसित बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं तथा पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने समृद्ध बिहार का जो संकल्प लिया है, उसे पूरा करने के लिए हमलोग पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहे हैं।
सरकार और संगठन में समन्वय बढ़ाएगा एनडीए
मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शुक्रवार को पहली बार एनडीए के सभी पांच घटक दलों भाजपा, जदयू, लोजपाआर, हम और रालोमो के जिलाध्यक्षों से रू-ब-रू हुए। अपने सरकारी आवास, लोकसेवक में लगभग साढ़े तीन घंटे तक जिलाध्यक्षों से मुखातिब मुख्यमंत्री ने सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय कायम करने पर जोर दिया। इसमें पूर्व सीएम नीतीश कुमार भी शामिल हुए।
सीएम ने कहा कि 15 अगस्त के बाद जिलों का दौरा कर विकास कार्यों की समीक्षा करूंगा और जिले में ही रात्रि विश्राम करूंगा। अब हर तीन महीने पर जिलाध्यक्षों के साथ बैठक होगी। प्रभारी मंत्री अपने-अपने प्रभार वाले जिलों में महीने में एक दिन रात्रि प्रवास करेंगे। रात्रि प्रवास के दौरान प्रभारी मंत्री एनडीए के सभी घटक दलों के जिलाध्यक्षों के साथ बैठक कर जिले की समस्याओं से अवगत होकर उसका समाधान सुनिश्चित करेंगे। बैठक में संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय, बिहार के विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी नेता सरकार के आंख-कान होते हैं। इसलिए जनकल्याणकारी योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाएं। राज्य सरकार की ओर से सहयोग शिविर लगाए जा रहे हैं। उन शिविरों में आम लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करें। वृद्ध व दिव्यांग लोगों के पास जाएं। विधवा महिलाओं से मिलें और पता करें कि उनको पेंशन की राशि मिल रही है या नहीं। कार्यकर्ताओं के जमीनी फीडबैक के आधार पर बनाई गई योजनाएं अधिक सफल होती हैं और उनका लाभ सीधे लोगों तक पहुंचता है।
उन्होंने कहा कि सामान्यतः सत्ता परिवर्तन के साथ पूरी प्रशासनिक व्यवस्था बदल जाती है, लेकिन नीतीश कुमार के उदार नेतृत्व के कारण बिहार में विकास की निरंतरता बनी रही और गांव-गांव तक विकास की किरण पहुंची है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 20 सूत्री समिति एवं नागरिक परिषद की बैठकों से प्राप्त सुझावों पर आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे। अवश्यतानुसार जिला स्तर पर समिति के गठन पर भी विचार होगा।



