पटना के बिहार म्यूजियम ने बनाया रिकॉर्ड, एक साल में 5 लाख से ज्यादा पर्यटक पहुंचे

पटना
राजधानी पटना में स्थित बिहार म्यूजियम ने इस साल पर्यटकों की संख्या के मामले में एक नया रिकॉर्ड कायम किया है। म्यूजियम के उद्घाटन के बाद बीते 10 सालों में यह पहला मौका है, जब महज एक साल के भीतर 5 लाख से अधिक पर्यटकों ने यहां का भ्रमण किया है। इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि अपनी आधुनिक सुविधाओं और बेहतरीन प्रदर्शनी के कारण यह म्यूजियम लोगों की पसंद बनता जा रहा है। पर्यटकों की इस बढ़ती संख्या से राज्य में पर्यटन को भी सकारात्मक बढ़ावा मिल रहा है।
कुल आंकड़ा 7 लाख के करीब पहुंचा
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक साल में 5 लाख से अधिक आम लोगों ने टिकट लेकर बिहार म्यूजियम का दौरा किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, अगर इस 5 लाख की संख्या में वीआईपी (VIP) मेहमानों के विशेष दौरे और म्यूजियम परिसर में आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने वाले लोगों की भीड़ को भी शामिल कर लिया जाए, तो कुल पर्यटकों का यह आंकड़ा 5 लाख से 7 लाख के बीच पहुंच जाता है। यह पर्यटकों की संख्या पिछले सभी सालों के मुकाबले सबसे अधिक है।
प्राचीन कलाकृतियां बनीं मुख्य आकर्षण
बिहार राज्य हमेशा से ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से काफी समृद्ध रहा है। देश के अन्य राज्यों और विदेश से आने वाले पर्यटक यहां की प्राचीन संस्कृति, सभ्यता और इतिहास को करीब से समझने की इच्छा रखते हैं। बिहार म्यूजियम में बौद्ध धर्म, जैन धर्म, हिंदू धर्म और सिख धर्म से जुड़ी कई प्राचीन और दुर्लभ कलाकृतियां बड़े पैमाने पर मौजूद हैं। आधुनिक तरीके से सुरक्षित रखी गई इन ऐतिहासिक धरोहरों को देखने और अपने इतिहास को जानने के लिए ही पर्यटक इतनी बड़ी संख्या में पटना आ रहे हैं।
अपर निदेशक ने बताया बड़ी उपलब्धि
इस नई उपलब्धि पर बिहार म्यूजियम के अपर निदेशक अशोक कुमार सिन्हा ने खुशी जाहिर की है। उन्होंने बताया कि यह बिहार म्यूजियम के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि है कि 10 सालों में पहली बार 5 लाख का आंकड़ा पार हुआ है। उन्होंने कहा कि बिहार ऐतिहासिक दृष्टिकोण से हमेशा से समृद्ध रहा है और यहां मौजूद प्राचीन कलाकृतियों को देखने के लिए बड़ी संख्या में देश-विदेश से पर्यटक आ रहे हैं। इसी का नतीजा है कि इस साल पर्यटकों का आंकड़ा 5 लाख के पार हो गया है। आधुनिक सुविधाओं ने आम लोगों की दिलचस्पी को काफी बढ़ा दिया है।



