
देहरादून.
टिहरी झील को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए अब पूरे झील क्षेत्र की सुनियोजित विकास योजना तैयार की जाएगी। सरकार ने करीब आठ हजार हेक्टेयर क्षेत्र को समाहित करते हुए समग्र मास्टर प्लान और जोनल प्लान तैयार करने का निर्णय लिया है।
इसमें सरकारी के साथ निजी भूमि को भी शामिल किया जाएगा, ताकि बेतरतीब निर्माण पर अंकुश लगाते हुए पर्यटन विकास को दीर्घकालिक स्वरूप दिया जा सके। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने गुरुवार को सचिवालय में पर्यटन विभाग की समीक्षा की।
उन्होंने कहा कि टिहरी झील को वन स्टेट, वन ग्लोबल डेस्टिनेशन की अवधारणा के अनुरूप विकसित करने के लिए पूरे क्षेत्र की दीर्घकालिक योजना बनाई जाए। मास्टर प्लान तैयार करते समय स्थानीय लोगों और अन्य संबंधित पक्षों से भी सुझाव लिए जाएं।



