पटना से बक्सर तक ‘विश्वामित्र पथ’ को मिली मंजूरी, सम्राट कैबिनेट ने 64 एजेंडों पर लगाई मुहर

पटना
बिहार कैबिनेट की बैठक में बुधवार को कई बड़े और महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. सम्राट कैबिनेट की दूसरी बैठक में कुल 64 एजेंडों पर मुहर लगी. सम्राट चौधरी ने पहली कैबिनेट मीटिंग की तरह ही दूसरी कैबिनेट की मीटिंग में भी कई महत्वपूर्ण घोषणाओं पर मुहर लगाई. कैबिनेट सचिव अरविंद कुमार चौधरे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर फैसलों की जानकारी दी. बैठक में एक विधायी कार्य समेत कुल 64 एजेंडों पर मुहर लगाई गई, जिसे राज्य के विकास के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
वित्त और स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े फैसले
सम्राट कैबिनेट कैबिनेट ने वित्त विभाग में साइबर ट्रेज़री की स्थापना को मंजूरी दी है, जिससे वित्तीय लेन-देन की प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी और डिजिटल होगी. वहीं स्वास्थ्य विभाग के तहत नर्सिंग ट्रेनिंग को बेहतर बनाने के लिए नर्सिंग नियमों में संशोधन को भी स्वीकृति दी गई. इसके अलावा कैंसर की रोकथाम के लिए 6 संविदा कर्मियों की नियुक्ति को भी मंजूरी मिली है।
इन सड़क परियोजनाओं को मिली रफ्तार
इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में भी कई अहम फैसले लिए गए. सारण में नए नारायणी पथ को मंजूरी दी गई है. साथ ही कोईलवर से बक्सर तक गंगा पथ के निर्माण को स्वीकृति दी गई, जिसे “विश्वामित्र पथ” के नाम से जाना जाएगा. इसके अलावा विदुपुर से दिघवारा तक 56 किलोमीटर लंबी उत्तरी गंगा पथ परियोजना के डीपीआर के लिए सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है. वहीं सारण के दरिहारा से गोपालगंज के डुमरिया घाट के बीच 73.51 किलोमीटर लंबी 4-लेन ग्रीनफील्ड सड़क परियोजना को भी स्वीकृति मिली है।
कानून और सुरक्षा व्यवस्था पर फोकस
कैबिनेट ने बिहार ज्यूडिशियल एकेडमी की नियमावली गठन को मंजूरी दी है, जिससे न्यायिक प्रशिक्षण व्यवस्था को मजबूती मिलेगी. वहीं गृह विभाग के तहत पटना शहरी क्षेत्र के लिए एक नए अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) पद के सृजन को भी हरी झंडी दी गई है।
कला, संस्कृति और पर्यावरण से जुड़ी योजनाओं पर मुहर
बिहार कैबिनेट की बैठक में कला, संस्कृति और पर्यावरण से जुड़े कई अहम फैसलों को मंजूरी दी गई. कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के तहत जननायक कर्पूरी ठाकुर स्मृति संग्रहालय में वाचनालय शुरू करने की स्वीकृति दी गई है. साथ ही संग्रहालय का नाम बदलकर “भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर स्मृति संग्रहालय सह वाचनालय” करने का निर्णय लिया गया है, जिससे शोध और अध्ययन को बढ़ावा मिलेगा।
संजय गांधी जैविक उद्यान का नाम बदलेगा
इसके अलावा, राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल संजय गांधी जैविक उद्यान का नाम बदलकर “पटना जू” करने की मंजूरी दी गई है. इसके साथ ही इसके संचालन के लिए गठित “संजय गांधी जैविक उद्यान प्रबंधन एवं विकास सोसाइटी” का नाम भी बदलकर “पटना जू प्रबंधन एवं विकास सोसाइटी” कर दिया गया है. पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. राज्य में पर्यावरणीय और जलवायु अनुकूल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए “बिहार हरित जलवायु कोष” के गठन को स्वीकृति दी गई है. सरकार का मानना है कि इस कोष से राज्य में सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण को नई गति मिलेगी।
विकास की दिशा में बड़ा कदम
इन फैसलों को राज्य के बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य सेवाओं और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है. सरकार का दावा है कि इन योजनाओं से आने वाले समय में बिहार के विकास को नई गति मिलेगी।



