उत्तर प्रदेश

नीति आयोग की एबीपी रैंकिंग में गोरखपुर का बजा डंका, बांसगांव ब्लॉक नंबर वन

गोरखपुर

 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने गोरखपुर जिले के विकास को लेकर नया इतिहास रच दिया है। भारत सरकार के नीति आयोग की एबीपी (आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम या एस्पिरेशनल ब्लॉक प्रोग्राम) रैंकिंग में गोरखपुर जिले का बांसगांव विकास खंड, ‘नंबर वन’ चुना गया है। नंबर वन ब्लॉक बनने पर डेढ़ करोड़ रुपये का पुरस्कार भी मिला है। बांसगांव ब्लॉक की इस उपलब्धि ने गोरखपुर के साथ ही समूचे उत्तर प्रदेश का गौरव पूरे देश में बढ़ाया है। गोरखपुर के जिलाधिकारी दीपक मीणा और मुख्य विकास अधिकारी शाश्वत त्रिपुरारी ने इस उत्कृष्ट उपलब्धि का श्रेय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में हो रहे समावेशी विकास के कार्यों को दिया है।   

नीति आयोग की तरफ से देशभर में कराई गई जनवरी–मार्च 2026 तिमाही की आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम, डेल्टा रैंकिंग में गोरखपुर जनपद का बांसगांव ब्लॉक, उत्तरी भारत (जोन-2) में प्रथम स्थान प्राप्त करने में सफल रहा है। यह जानकारी नीति आयोग की मुख्य कार्यकारी अधिकारी निधि छिब्बर की तरफ से यूपी के मुख्य सचिव को भेजे एक पत्र में दी गई है। इस उत्कृष्ट उपलब्धि के एवज में गोरखपुर को डेढ़ करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि भी मिली है। 

जिलाधिकारी दीपक मीणा बताते हैं कि नीति आयोग के आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम का जोर समावेशी विकास के जरिये नागरिकों के जीवन में सुगमता और गुणवत्ता की वृद्धि तथा समग्र रूप में जीवन स्तर के सुधार पर होता है। इसके अंतर्गत पांच थीम स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र, आधारभूत ढांचा और सामाजिक विकास के कुल 39 केपीआई (की परफॉर्मेंस इंडिकेटर्स या मुख्य निष्पादन संकेतक) पर संबंधित आकांक्षी ब्लॉकों का मूल्यांकन किया जाता है। डीएम ने बताया कि मुख्यमंत्री जी के मार्गदर्शन में गोरखपुर बांसगांव ब्लॉक ने जनवरी-मार्च 2026 की तिमाही में सभी पांच थीम के 39 केपीआई में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए शत प्रतिशत वेटेज प्राप्त किया है। यह उपलब्धि इस तथ्य को भी प्रतिष्ठित करती है कि मुख्यमंत्री जी के मार्गदर्शन में गोरखपुर समावेशी विकास के मोर्चे पर देश में नए मानक स्थापित कर रहा है। 

संपूर्ण प्रदेश के लिए बांसगांव बना 'मॉडल ब्लॉक'

बांसगांव क्षेत्र, जिसे कभी विकास की दौड़ में चुनौतियों का सामना करना पड़ता था, आज अपनी प्रशासनिक कार्यकुशलता और नवाचारों के बल पर पूरे देश में 'मॉडल विकास खंड' के रूप में उभरा है। इस सफलता से न केवल गोरखपुर जिले का मान बढ़ा है, बल्कि उत्तर प्रदेश के अन्य आकांक्षी ब्लॉकों के लिए भी यह एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गया है। गोरखपुर के मुख्य विकास अधिकारी शाश्वत त्रिपुरारी का कहना है कि डेल्टा रैंकिंग में मिली नंबर वन की उत्कृष्ट उपलब्धि केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि बांसगांव ब्लॉक की जनता के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव का प्रमाण पत्र है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा है कि इस पुरस्कार राशि का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, कृषि, आधारभूत ढांचे और आजीविका से जुड़े विकास कार्यों में किया जाएगा।

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