उत्तर प्रदेश

यूपी में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की बढ़ी सैलरी, अब हर महीने मिलेंगे ₹23,200

लखनऊ 

बेसिक शिक्षा के जिला परियोजना कार्यालयों में आउटसोर्सिंग पर तैनात कर्मियों के मानदेय में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। आशुलिपिक, लेखाकार, सहायक लेखाकार, टंकक, लिपिक व कंप्यूटर ऑपरेटरों की मानदेय में बढ़ोतरी की गई है। फिलहाल इन्हें बढ़े मानदेय का तोहफा मिल गया है।

महानिदेशक स्कूल शिक्षा व राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी की ओर से बढ़ा मानदेय दिए जाने का आदेश जारी कर दिया गया है। आशुलिपिक व लेखाकार को अभी तक प्रति महीने 18560 रुपये मासिक मानदेय दिया जा रहा था। अब इन्हें 23200 रुपये प्रति महीने मानदेय दिया जाएगा। सहायक लेखाकार को 11600 रुपये प्रति महीने मानदेय दिया जा रहा था और अब 14500 रुपये प्रति महीने मानदेय दिया जाएगा। टंकक, लिपिकों व कंप्यूटर ऑपरेटरों को अभी तक 11020 रुपये प्रति महीने मानदेय मिल रहा था। अब इन्हें 13775 रुपये मासिक मानदेय दिया जाएगा। बढ़ा मानदेय इन्हें अक्तूबर से देने की तैयारी है। फिलहाल, इन्हें किसी भी तरह का कोई एरियर नहीं दिया जाएगा।

375 कर्मियों को मिलेगा मानदेय बढ़ोत्तरी का लाभ
वर्षों से कार्य कर रहे इन कर्मियों को बड़ी राहत मिल गई है। सभी जिलों के जिला परियोजना कार्यालयों में पांच-पांच कर्मचारी कार्यरत हैं। यूपी भर में कुल 375 आउटसोर्सिंग कर्मचारी कार्यरत हैं। सेवा प्रदाता के माध्यम से कार्यरत इन कर्मियों को अब बढ़ा मानदेय दिया जाएगा। राज्य परियोजना कार्यालय की ओर से सभी जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वह बढ़ा हुआ मानदेय आउटसोर्सिंग पर कार्यरत इन कर्मियों को दिलाना सुनिश्चित करें। किसी भी तरह की कोई गड़बड़ी न हो और पारदर्शी ढंग से मानदेय भुगतान किया जाए।

डेढ़ महीने पहले आउटसोर्स कर्मियों के वेतन बढ़ोतरी को मिली थी मंजूरी
डेढ़ महीने पहले उप्र राज्य सड़क परिवहन निगम में तैनात आउटसोर्स कर्मियों के मानदेय में 10 फीसदी की बढ़ोतरी की मंजूरी मिली थी। इनमें कम्प्यूटर ऑपरेटर, प्रोग्रामर, लेखाकर, टैली ऑपरेटर्स का मानदेय साल में दो बार जनवरी और जुलाई माह में पांच-पांच फीसदी बढ़ाने पर फैसला हुआ था। ऐसे में परिवहन निगम मुख्यालय से लेकर क्षेत्रों में तैनात आउटसोर्स कर्मियों के बेसिक मानदेय में पांच फीसदी की बढ़ोतरी जुलाई 2026 में करते हुए अगस्त माह के वेतन में मिलने की बात कही गई थी। बतादें कि मैकेनिकों की मजूदरी तय नहींरोडवेज बसों की कार्यशाला में वाह्यस्रोत से मैकेनिक कार्य पर रखे गए है। लेकिन इनका मानदेय श्रेणीवार पुन: निर्धारण नहीं किया गया। इस संबंध में क्षेत्रों के सेवा प्रबंधकों ने मुख्यालय पत्र भेजकर बताया कि पूर्व में जिस प्रकार 7500 रुपये प्रति कार्मिक में वृद्धि करते हुए 8400 प्रति कार्मिक किया गया था।

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